भारत के इस शहर के 51% कोरोना पॉजिटिव लोग अपने आप ठीक हो गए।

आज मैं आपको बताने वाला हूं कि अब करोना वायरस खुद पर खुद एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन-तीन कारणों के साथ जाने वाला है। सबसे पहला कारण यह है कि भारत की सीरो सर्वे में यह सामने आया है कि भारत के कुछ शहरों और कस्बों मैं सर्वे से पता चला है कि कोरोना वायरस के खिलाफ हार्ड यूनिट उत्पन्न हो रही है।

भारत के इस शहर के 51% कोरोना पॉजिटिव लोग अपने आप ठीक हो गए।
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दूसरा कारण r-value की।
r-value भारत में एक तक जाने वाली है। और कहा जाता है कि कोरोना वायरस या किसी वायरस के r-value जब एक पर जाति है। तो इसका मतलब यह होता है कि उस महामारी की उल्टी गिनती खत्म होने की शुरू हो गई। और यह सब तमाम खबरें हैं जो जिससे पता चलता है कि कोरोना वायरस अब भारत से जाने वाला है।

दरअसल माई के बाद पहली बार कोरोना वायरस के संक्रामक में गिरावट आई है। जिसका मतलब यह हुआ कि कोरोना के टेस्ट पढ़ने के बाद भी केस नहीं बढ़े हैं। इस बीच मई के बाद यह पहला ऐसा मौका है। जब देश में कोना पॉजिटिविटी का दर गिरता हुआ नजर आ रहा है। आपको बता दें कि अगस्त के पहले महीने में देश में corona से संक्रमित तो का आंकड़ा 9% के आसपास था। लेकिन अगस्त से 15 दिनों बाद यह आंकड़ा घटकर 8.72% हो गया। 3 महीनों के बाद यह पहली बार ऐसा हुआ है। जब कोरोना संक्रमितो की संख्या घटा हुआ हो। वही संक्रमित के आंकड़ों और भी स्थिरता आई है। इसके साथ ही करोना वायरस के देश में  r-value भी कम हुआ है। पहले जो क्रोना पॉजिटिव लोग एक लोग कई लोगों को कराना पॉजिटिव बनाते थे। अब कोरोना वायरस पॉजिटिव लोगों से कोरोना का खतरा कम  होता हुआ नजर आ रहा है। इसके साथ आप समझ ले कि r-value क्या होता है?

 R-value क्या होता है? What is R-Value
संक्रमित के संपर्क में आकर औसत संक्रमित होने वालों की संख्या को r-value कहते हैं। एक कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज कितने लोगों को करोना पॉजिटिव करता है। पहले पूरे भारत में कोरोनावायरस की r-value 1.48 थी। जिसका मतलब यह हुआ कि 100 कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज 148 स्वास्थ्य लोगों को कोरोना  पॉजिटिव कर रहे हैं। लेकिन अब पूरे भारत में कोरोना के  r-value 1.6 है। जिसका मतलब यह हुआ कि 100 कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज 106 स्वास्थ्य लोगों को कोरोना  पॉजिटिव कर रहे हैं। जब r-value एक पड़ जाती है। तो इसे महामारी के खत्म होने की निशानी समझा जाता है। और आपको बता दें कि भारत r-value को एक पर पहुंचाने में बेहद करीब है। मार्च के बाद पहला ऐसा मौका है जब कोरोना के r-value इतनी कम तक पहुंची है। इसके साथ ही लगातार कोरोना के टेस्ट ज्यादा होते जा रहे हैं। और संक्रमित ओ की संख्या कम होती जा रही है। पहले पूरे देश भर में कोरोना के टेस्ट कम हो रही थी और कम टेस्ट में भी कोरोना पॉजिटिव मरीज अधिक निकल रहे थे। अब देश भर में हर दिन 8 लाख से ज्यादा कोरोना टेस्ट हो रहे हैं। और हर दिन 60,000 से ज्यादा कोरोना के मरीज निकल कर आ रहे हैं।

इसके पीछे कारण सीरो सर्वे है? Sero survey
इसका महत्वपूर्ण कारण है सीरो सर्वे। हाल ही में देश के सबसे बुरे कोरोना ग्रस्त शहरों में से एक पुणे शहर में सीरो सर्वे कराया गया। जहां पता चला कि शहर के 51 प्रतिशत लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज बन गई थी। इसका मतलब यह हुआ कि पुणे के 51% लोगों में कोरोना वायरस होकर ठीक भी हो गया। विशेषज्ञों (experts) को माने तो देश की कई शहर कई कस्बे हर्ड इम्यूनिटी की तरफ बढ़ते जा रहे हैं।

हर्ड इम्यूनिटी क्या है? What is herd immunity?
विशेषज्ञों (experts) को माने तो कोई बीमारी किसी समूह के बड़े हिस्से में फैल जाती है तो मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता उस बीमारी से लड़ने में मदद करती है। जिसे हम हर्ड इम्यूनिटी कहते हैं। जो लोग बीमारी से लड़कर पूरी तरह से ठीक हो गए हैं, वह इस बीमारी से इम्यून हो जाते हैं उस बीमारी के खिलाफ प्रतिरोधक गुण विकसित हो जाते हैं इम्यूनिटी का मतलब यह है कि व्यक्ति को संक्रामक हुआ और उसके बाद उसके शरीर में उस बीमारी से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न होना इम्यूनिटी कहलाता है।
तो आज के लिए इतना ही मिलते हैं किसी ने टॉपिक पर पर लेकिन आप लोग कोरोनावायरस से खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग रही है और कोरोना वायरस खिलाफ सभी नियमों का पालन करें। क्योंकि अभी कोरोना हमारे देश में है।

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