Covid-19

Corona Virus Online Vaccine Registration 2021

Corona Virus Online Vaccine Registration 2021

देशभर में आम जनता के लिए Covis-19 Vaccine रजिस्ट्रेशन 1 मार्च से शुरू हो गया है। Health Care Workers और Frontline Workers को Vaccine लग चुका है, और अब बारी 60 साल से ज्‍यादा उम्र के लोगों की है। इसके अलावा 45 साल से अधिक उम्र के ऐसे लोग जिन्‍हें पहले से कोई बीमारी है और उन्‍हें Covid-19 का ज्‍यादा खतरा है। ये सभी लोग को एक मार्च से वैक्‍सीन लगनी शुरू हो जाएगी। टीकाकरण में इस बार Government Health Centers के साथ-साथ Private Hospitals को भी शामिल किया जाएगा। यानी आपके पास अपनी पसंद के सेंटर पर टीका लगवाने का विकल्‍प होगा। साथ ही आपको बता दे की Covid-19 Vaccine लगाने के लिए आपको रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आगे जानेंगे की इसको लगाने का रजिस्ट्रेशन का पूरा प्रोसेस क्या हैं?

Corona Virus (Covid-19) Online Vaccine Registration
Corona Virus Online Vaccine Registration 2021


How to Corona Vaccine Registration
(कोरोना वैक्‍सीन के लिए रजिस्‍टर कैसे करें?)

Corona Vaccine के लिऐ Registration कराने के तीन तरीके हैं।

  • Advanced Self-Registration Applications or Website
  • On-Site Registration
  • Facilitated Registration


Advanced Self-Registration Applications or Website
अगर आप Vaccine के लिए योग्‍य हैं तो Co-WIN ऐप डाउनलोड कर खुद को रजिस्‍टर कर सकते हैं। इसके अलावा आप आरोग्‍य सेतु पर भी रजिस्‍टर कर सकते है। साथ ही आप Co-WIN की वेबसाइट cowin.gov.in पर भी रजिस्‍ट्रेशन करा सकते हैं।

On-Site Registration
यदि आप Self-Register नहीं करा सकते तो नजदीकी Covid-19 टीकाकरण केंद्र पर जा सकते हैं। वहां आप खुद को Register करा सकते हैं। एक Valid Identity cardऔर Co-morbidity का सर्टिफिकेट (अगर लागू है तो) ले जाना होगा।

Facilitated Registration
यह तरीका राज्‍य और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों के लिए है। Target Groups के लिए टीकाकरण की तारीख तय की जाएगी। स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी अपनी तरफ से कोशिश करेंगे कि सभी Target Groups को केंद्र तक लाया जाए। इसके लिए ASHA, ANM, पंचायती राज और महिलाओं के Self-Help Groups को उपयोग किया जाएगा।

Required Documents (वैक्‍सीन के लिए डॉक्‍युमेंट्स)

  1. आधार कार्ड
  2. वोटर आईडी
  3. पासपोर्ट
  4. ड्राइविंग लाइसेंस
  5. PAN कार्ड
  6. हेल्‍थ इंश्‍योरेंस स्‍मार्ट कार्ड
  7. पेंशन डॉक्‍युमेंट
  8. बैंक/पोस्‍ट ऑफिस पासबुक
  9. मनरेगा जॉब कार्ड
  10. MP/MLA/MLC का आईडी कार्ड
  11. सरकारी कर्मचारियों का सर्विस आईडी कार्ड
  12. नैशनल पॉपुलेशन रजिस्‍टर के तहत जारी स्‍मार्ट कार्ड
इन सभी में से कोई एक।
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सिरो सर्वे से पता चला कि मई में ही हो गए थे, 64 लाख लोग कोरोना पॉजिटिव {ICMR (Indian Council of Medical Research) Sero Survey}

सिरो सर्वे से पता चला कि मई में ही हो गए थे, 64 लाख लोग कोरोना पॉजिटिव {ICMR (Indian Council of Medical Research) Sero Survey} 

ICMR ने जारी किए सीरो सर्वे के आंकड़े कोरोना को लेकर हैरान करने वाली खबर आई सामने कोरोना संक्रमण की सच्चाई बहुत ही भयावह देश में मई के शुरू में ही 64.6 लाख लोग हो चुके थे कोरोना संक्रमित जबकि मई महीना में कोरोना का आंकड़ा 1 लाख से भी कम था। उस समय एक कोरोना पॉजिटिव वेक्ती से कोरोना का संक्रमण 82 से 130 लोगो तक पहुंचता था। भले ही अभी देस यानी भारत में 45 लाख corona पॉजिटिव के मामले हो। वास्तव में यह संख्या इससे कई गुना अधिक हैं। आपको बता दे की देश लगभग 976 जिले में कोरोना के टेस्ट कराए गए थे।

सिरो सर्वे से पता चला कि मई में ही हो गए थे, 64 लाख लोग कोरोना पॉजिटिव {ICMR (Indian Council of Medical Research) Sero Survey}
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क्या है एंटीबॉडी? What is Antibodie?

एंटीबॉडी शरीर का वो तत्व है, जिसका निर्माण हमारा इम्यून सिस्टम शरीर में वायरस को बेअसर करने के लिए पैदा करता है। 

कैसे हुआ देश 976 जिले के कोरोना टेस्ट।

देश के 976 जिले में कोरोना टेस्ट कराने को लेकर जिले को 4 श्रेणी में बाटा गया था। नगण्य , निम्न , मध्यम और उच्च संक्रमण के श्रेणी में जिलों को रखा गया। कुल 70 जिले को सैंपल लेने के लिए चुना गया। सभी जिले के 400-400 सैंपल एकत्र किए गए। कुल 28 हज़ार सैंपल की जांच की गई। पूरे सैंपल में 48.5%  18 से 45 सल के उम्र के लोग थे। इस तरह सैंपल में 51% महिलाएं थीं। इसी बीच ICMR जिसका Full From है  Indian Council of Medical Research के सीरो सर्व से एक चौकाने वाले खबर आई। सिरो सर्वे में देश की आबादी के 0.73% लोगों में एंटीबॉडी पाए गए। देश भर में 11 मई से 4 जून तक कराया गया था यह सीरो सर्वे। इसमें लोगो के खून के नमूने में कोरोना के एंटीबॉडी की जांच की गई। इस जांच में 64.6 लाख लोगों के शरीर में एंटीबॉडी पाया गाय। आपको बता दे की यह

सिरो सर्वे से पता चला कि मई में ही हो गए थे, 64 लाख लोग कोरोना पॉजिटिव {ICMR (Indian Council of Medical Research) Sero Survey}
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64.6 लाख की आंकड़ा भले ही आप लोगो के लिए ज्यदा लगता हो। लेकिन यह देश की आबादी के महज 0.73% ही हैं।  यानी पूरे देश की आबादी का 1% भी नहीं। सर्वे के मुताबिक मई में बहुत सारे जिले ऐसे थे , जहां एक भी कोरोना संक्रमित केस नहीं थे। वाहा भी बड़ी संख्या में लोगों के शरीर 

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भारत के इस शहर के 51% कोरोना पॉजिटिव लोग अपने आप ठीक हो गए।

में एंटीबॉडी मिले। इसका मतलब यह हुआ कि लॉकडाउन के दौरान जिन जिलों को ग्रीन जोन में थे वहां भी उस समय कोरोना के मामले थे। इन जिले में टेस्टिंग की सुविधा ना होने के कारण यहां जांच नहीं ही रही थी। आपको बता दे की कोरोना संकामित होने के 21 दिन बाद बनता हैं, शरीर में एंटीबॉडी। इसके आलावा आपको बता दे की आप अब अपने आप ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित रहे। क्यूंकि अभी देस में 46 लाख के पार पॉजिटिव केश है। है। जो हर दिन बढ़ते जा रहा हैं।

भारत के इस शहर के 51% कोरोना पॉजिटिव लोग अपने आप ठीक हो गए।

आज मैं आपको बताने वाला हूं कि अब करोना वायरस खुद पर खुद एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन-तीन कारणों के साथ जाने वाला है। सबसे पहला कारण यह है कि भारत की सीरो सर्वे में यह सामने आया है कि भारत के कुछ शहरों और कस्बों मैं सर्वे से पता चला है कि कोरोना वायरस के खिलाफ हार्ड यूनिट उत्पन्न हो रही है।

भारत के इस शहर के 51% कोरोना पॉजिटिव लोग अपने आप ठीक हो गए।
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दूसरा कारण r-value की।
r-value भारत में एक तक जाने वाली है। और कहा जाता है कि कोरोना वायरस या किसी वायरस के r-value जब एक पर जाति है। तो इसका मतलब यह होता है कि उस महामारी की उल्टी गिनती खत्म होने की शुरू हो गई। और यह सब तमाम खबरें हैं जो जिससे पता चलता है कि कोरोना वायरस अब भारत से जाने वाला है।

दरअसल माई के बाद पहली बार कोरोना वायरस के संक्रामक में गिरावट आई है। जिसका मतलब यह हुआ कि कोरोना के टेस्ट पढ़ने के बाद भी केस नहीं बढ़े हैं। इस बीच मई के बाद यह पहला ऐसा मौका है। जब देश में कोना पॉजिटिविटी का दर गिरता हुआ नजर आ रहा है। आपको बता दें कि अगस्त के पहले महीने में देश में corona से संक्रमित तो का आंकड़ा 9% के आसपास था। लेकिन अगस्त से 15 दिनों बाद यह आंकड़ा घटकर 8.72% हो गया। 3 महीनों के बाद यह पहली बार ऐसा हुआ है। जब कोरोना संक्रमितो की संख्या घटा हुआ हो। वही संक्रमित के आंकड़ों और भी स्थिरता आई है। इसके साथ ही करोना वायरस के देश में  r-value भी कम हुआ है। पहले जो क्रोना पॉजिटिव लोग एक लोग कई लोगों को कराना पॉजिटिव बनाते थे। अब कोरोना वायरस पॉजिटिव लोगों से कोरोना का खतरा कम  होता हुआ नजर आ रहा है। इसके साथ आप समझ ले कि r-value क्या होता है?

 R-value क्या होता है? What is R-Value
संक्रमित के संपर्क में आकर औसत संक्रमित होने वालों की संख्या को r-value कहते हैं। एक कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज कितने लोगों को करोना पॉजिटिव करता है। पहले पूरे भारत में कोरोनावायरस की r-value 1.48 थी। जिसका मतलब यह हुआ कि 100 कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज 148 स्वास्थ्य लोगों को कोरोना  पॉजिटिव कर रहे हैं। लेकिन अब पूरे भारत में कोरोना के  r-value 1.6 है। जिसका मतलब यह हुआ कि 100 कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज 106 स्वास्थ्य लोगों को कोरोना  पॉजिटिव कर रहे हैं। जब r-value एक पड़ जाती है। तो इसे महामारी के खत्म होने की निशानी समझा जाता है। और आपको बता दें कि भारत r-value को एक पर पहुंचाने में बेहद करीब है। मार्च के बाद पहला ऐसा मौका है जब कोरोना के r-value इतनी कम तक पहुंची है। इसके साथ ही लगातार कोरोना के टेस्ट ज्यादा होते जा रहे हैं। और संक्रमित ओ की संख्या कम होती जा रही है। पहले पूरे देश भर में कोरोना के टेस्ट कम हो रही थी और कम टेस्ट में भी कोरोना पॉजिटिव मरीज अधिक निकल रहे थे। अब देश भर में हर दिन 8 लाख से ज्यादा कोरोना टेस्ट हो रहे हैं। और हर दिन 60,000 से ज्यादा कोरोना के मरीज निकल कर आ रहे हैं।

इसके पीछे कारण सीरो सर्वे है? Sero survey
इसका महत्वपूर्ण कारण है सीरो सर्वे। हाल ही में देश के सबसे बुरे कोरोना ग्रस्त शहरों में से एक पुणे शहर में सीरो सर्वे कराया गया। जहां पता चला कि शहर के 51 प्रतिशत लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज बन गई थी। इसका मतलब यह हुआ कि पुणे के 51% लोगों में कोरोना वायरस होकर ठीक भी हो गया। विशेषज्ञों (experts) को माने तो देश की कई शहर कई कस्बे हर्ड इम्यूनिटी की तरफ बढ़ते जा रहे हैं।

हर्ड इम्यूनिटी क्या है? What is herd immunity?
विशेषज्ञों (experts) को माने तो कोई बीमारी किसी समूह के बड़े हिस्से में फैल जाती है तो मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता उस बीमारी से लड़ने में मदद करती है। जिसे हम हर्ड इम्यूनिटी कहते हैं। जो लोग बीमारी से लड़कर पूरी तरह से ठीक हो गए हैं, वह इस बीमारी से इम्यून हो जाते हैं उस बीमारी के खिलाफ प्रतिरोधक गुण विकसित हो जाते हैं इम्यूनिटी का मतलब यह है कि व्यक्ति को संक्रामक हुआ और उसके बाद उसके शरीर में उस बीमारी से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न होना इम्यूनिटी कहलाता है।
तो आज के लिए इतना ही मिलते हैं किसी ने टॉपिक पर पर लेकिन आप लोग कोरोनावायरस से खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग रही है और कोरोना वायरस खिलाफ सभी नियमों का पालन करें। क्योंकि अभी कोरोना हमारे देश में है।

रूस ने तैयार कर लिया कोरोना वायरस की वैक्सीन। रूस की राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने किया ऐलान।

रूस ने तैयार कर लिया कोरोना वायरस की वैक्सीन। रूस की राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने किया ऐलान।
लंबे इंतजार के बाद रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्‍सीन को मंजूरी दे दी है। और रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने इसका ऐलान किया है। उन्‍होंने बताया कि रूस के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने इस कोरोना वायरस वैक्‍सीन को अपनी मंजूरी दे दी है। राष्‍ट्रपति पुतिन ने यह भी बताया कि उनकी बेटी को यह टीका लगाया जा चुका है। मॉस्‍को के गामलेया रिसर्च इंस्टिट्यूट ने एडेनोवायरस ( Adenovirus) को बेस बनाकर यह वैक्‍सीन तैयार की है।

Rush ki vaccine
President of Russia Vladimir Putin


इसी हफ्ते से यह वैक्‍सीन नागरिकों को दी जाने लगेगी
इसी हफ्ते से यह वैक्‍सीन नागरिकों को दी जाने लगेगी।      रूस के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मिखाइल मुराशको के मुताबिक, इसी महीने से हेल्‍थ वर्कर्स को वैक्‍सीन देने की शुरुआत हो सकती है। मगर वहीं पर इसका विरोध होने लगा है। मल्‍टीनैशनल फार्मा कंपनीज ( Multinational pharma companies) की एक लोकल एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि क्लिनिकल ट्रायल पूरा किए बिना वैक्‍सीन के सिविल यूज की इजाजत देना खतरनाक कदम साबित हो सकता है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मिखाइल मुराशको को भेजी चिट्ठी में एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल ट्रायल्‍स ऑर्गनाइजेशन (Association of Clinical Trial Organization)     ने  बताया हैं कि अभी तक 100 से भी कम लोगों को डोज दी गई है। ऐसे में यह वैक्‍सीन बड़े पैमाने पर इसका इस्‍तेमाल करना खतरनाक हो सकता है।

Rush ki vaccine
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यूनिवर्सिटी में टॉप साइंटिस्ट वादिम तारासॉव ने दावा की…… 
सेशेनॉव यूनिवर्सिटी ( Seshenov University) में टॉप साइंटिस्ट वादिम तारासॉव ( Vadim Tarasov) ने दावा किया है कि देश 20 साल से इस क्षेत्र में अपनी क्षमता और काबिलियत को तेज करने के काम में लगा हुआ है। इस बात पर लंबे वक्त से रिसर्च की जा रही है कि वायरस कैसे फैलते हैं। इन्हीं दो दशकों की मेहनत का नतीजा है कि देश को शुरुआत ज़ीरो से नहीं करनी पड़ी और उन्हें वैक्सीन बनाने में  आगे आकर काम शुरू करने का मौका मिला। इस वैक्‍सीन को रूस रक्षा मंत्रालय और गमलेया नैशनल सेंटर फॉर र‍िसर्च ने तैयार किया है।

रूस की कामयाबी पर दुनिया के कई देश संदेह भी जताया।
इस वैक्सीन का निर्माण गमालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट और रूस की डिफेंस मिनिस्ट्री ने मिलकर तैयार किया है। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे 12 अगस्त को रिजस्ट्रेशन किया जाना था। हालांकि रूस की कामयाबी पर दुनिया के कई देश संदेह भी जताया और हड़बड़ी में किए गए रिजस्ट्रेशन पर सवाल भी उठा रहे हैं। इन देशों का कहना है कि फेज-3 के ट्रायल से पहले इसका रजिस्ट्रेशन सही से नहीं हुआ है।क्योंकी इसमें कई महीनों का वक्त लगता है और हजारों लोगों की जिंदगी दांव पर लगी होती है। दुनिया के जाने माने संक्रामक रोगों के एक्सपर्ट डॉक्टर एंथनी फॉसी ( Doctor anthony fossey) भी रूस की वैक्सीन पर शुरू से ही सवाल उठाते रहे हैं। आपको बता दे कि रूस में इस वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल 18 जून को शुरू किया गया  था। जिसमें 38 लोगों ने हिस्सा लिया। जिसमें सभी ने वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी हासिल कर ली। पहला ग्रुप 15 जुलाई का डिस्चार्ज किया गया जबकि दूसरा ग्रुप 20 जुलाई को छोड़ा गया।

चीन ने अपने सैनिकों को कोरोना का टीका लगाने शुरू कर दिया है।
चीन ने अपने सैनिकों को कोरोना का टीका लगाने शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के माने तो पीपल्स लिबरेशन आर्मी ( People’s Liberation Army ) की मदद से

President of Russia Vladimir Putin
People’s Liberation Army (China)

बना  यह कोरोना कि टीका बड़े पैमाने पर सैनिकों को लगाया जा रहा है। खास बात यह है कि ऐसा तब हो रहा है जब टीके का तीसरे चरण में ट्रायल चल रहा है । इसके नतीजे आने से पहले ही चीन ने अपने सैनिकों को टीका लगाना शुरू कर दिया है।

पतंजलि को कोरोनिल बेचने की परमिशन मिली आयुष मंत्रालय (Ministry Of Ayush) ने परमिशन दी।

लंबे समय से फसे पतंजलि को विवाद में आखिरकार कोरोनिल बेचने की इजाज़त मिल ही गई।

आपको बता दें कि पिछले हफ्ते आयुष मंत्रालय ने कोरोनील जांच किए जाने तक पतंजलि को कोरोनिल नहीं बेचने को कहा था। लेकिन केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने बुधवार को पतंजलि को कोरोनिल को बेचने की परमिशन देे दी है। लेकिन केवल इम्युनिटी बूस्टर (प्रतिरक्षा बढ़ाने वाला)  के रूप में।

                
बाबा रामदेव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोरोनिल के काम पर आयुष मंत्रालय ने हमारे प्रयासों को अच्छा बताया है। उन्होंने बताया  कि आयुष मंत्रालय ने कहा है कि पतंजलि ने कोविड-19 के मैनेजमेंट के लिए अच्छी काम की है। पतंजलि ने एक सही दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। आयुष मंत्रालय (Ministry Of Ayush) ने पुष्टि कि हैं कि पतंजलि कोरोनिल बेच सकती है लेकिन दवा के रूप में नहीं। आयुष मंत्रालय ने इसे केवल इम्युनिटी बूस्टर के रूप में बेचने की अनुमति दी है।

23 जून को कोरोनील लॉन्च की गई थी।
23 जून को कोरोनील लॉन्च की गई थी। इसमें दावा किया गया था कि इस दवा से 7 दिन के अंदर 100 प्रतिसत रिकवरी हो जाएगी। कोरोना की दवा के रूप में लाई गई कोरोनिल की दवा पर तुरंत ही यह दवा विवाद में हो गया। जिसके कारण आयुष मंत्रालय ने इसकी जांच की मांग की थी। लेकिन अब इसको बेचने की परमिशन आयुष मंत्रालय ने दे दी हैं।
कोरोनील को लेकर बाबा रामदेव ने क्या कहा?
रामदेव बाबा ने बताया कि उन्होंने कोरोना पर क्लीनिकल कंट्रोल करके ट्रायल किया है। क्लीनिकल ट्रायल के जो भी पैरामीटर्स हैं। उनके तहत हमने रिसर्च कीया है। लेकिन अभी तक कोरोनील को केवल कोरोना के ऊपर क्लीनिकल ट्रायल किया गया है। इसके अलावा हम 10 से भी ज्यादा बीमारियों पर हम ट्रायल कर रहे हैं। 

कोरोना वायरस को कोरोना माता, बताने वाली महिला कौन है और कहा से हैं?

इन दिनों बिहार कि छपरा जिले में  सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमे एक महिला ने Corona Virus  को Corona माता बता रही हैं।  आइए जानते है कि आखिर महिला ऐसा  क्यों बोल रही हैं।

एक वीडियो में  महिला द्वारा कहा जा रहा है कि खेत में दो महिलाएं घास काट रही थीं। वहीं, बगल में एक गाय घास चर रही थी। इसी दौरान गाय महिला बन गई। ऐसे में उसे देखकर घास काट रही महिलाएं डर से भागने लगीं। तब गाय से महिला बनी औरत ने दोनों महिलाओं को रोका और बोली कि आप लोग डरो मत।

हम कोरोना माता हैं। मेरा देश में प्रचार- प्रसार करो और सोमवार व शुक्रवार को पूजन सामग्री चढ़ाकर मेरा आशीर्वाद लो। हम अपने आप चले जाएंगे।

अब उस वीडियो को देखकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने सुबह से ही अपने-अपने गांव के मंदिरों में पूरे श्रद्धा-भक्ति के साथ पूजा-अर्चना शुरू कर दी है. वीडियो में महिला द्वारा कहा गया कि घटना बरौनी की है। यह वीडियो वायरल होते ही महिलाओं में श्रद्धा के साथ अंधविश्वास की लहर दौड़ गई है। अब महिलाएं जगह- जगह कोरोना माता की पूजा करती दिख रही हैं। हालांकि, सिविल सर्जन मधवेश्वर झा का कहना है कि मेडिकल साइंस ऐसी बातों को नहीं मानता है। लोगों से अपील है कि किसी तरह के अंधविश्वास में न फैलाएं और ना ही अंधविश्वास को माने क्योंकि कोरोना पूजा से नहीं उपचार से खत्म हो।


कोरोना पॉज़िटिव निकला पायलट, इंडिया के लोगो लाने के मॉस्को जा रहा एयर इंडिया का विमान वापस लौटा।

कोरोनावायरस (Coronavirus) के कारण भारत के लोगों को  मॉस्को जा रहा एयर इंडिया  का विमान शनिवार को वापस दिल्ली आ गया है।दिल्ली से मॉस्को जाने वाली फ्लाइट उस समय आधे रास्ते से वापस आ गई जब Ground Staf  को पता चला कि विमान में सवार पायलटों में से एक कोरोना संक्रमित पाया गया है। 


एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “वंदे भारत मिशन के तहत एयर इंडिया का A-320 नियो विमान ंफंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए मॉस्को जा रहा था। विमान उज्बेकिस्तान के हवाई क्षेत्र में पहुंचा था कि अधिकारियों को पता चला विमान में सवार एक पायलट कोरोनावायरस से संक्रमित है।


DGCA ने कहा, ” प्रथम दृष्टया यह मामला खामी का प्रतीत हो रहा है क्योंकि यदि पायलट कोरोना संक्रमित पाया गया था तो उसे विमान में नहीं होना चाहिए था।
जानकारी के मुताबिक विमान में कुल चार पायलट थे। दो ले जाने के और दो वापसी के लिए। इनके अलावा दूसरे क्रू मेम्बर भी थे। 

अधिकारियों ने कहा कि विमान में कोई यात्री सवार नहीं था। जानकारी होते ही विमान को तुरंत वापस आने के लिए कहा गया। विमान शनिवार को दोपहर 12.30pm बजे वापस दिल्ली पहुंचा। फीलहाल विमान में सवार चालक दल के सदस्यों को क्वारंटाइन किया गया है। और अब फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए दूसरे विमान को भेजा जाएगा।

ब्रिटेन ने बना लीया Covid-19 की वैक्सीन, करीब 5 हजार मरीजों पर टीके का परीक्षण होगा।

ब्रिटेन ने बना लीया Covid-19 की वैक्सीन, करीब 5 हजार मरीजों पर टीके का परीक्षण होगा।


अभी India में दूसरा lockdown चल रहा है। और लोग अभी सभी घर में हैं। और सभी लोगो की नजर कोरोना वायरस की वैक्सीन की खोज पर नजर हैं।

Britain की खबर के अनुसार :-

ब्रिटेन ने covid -19 की वैक्सीन तैयार कर ली है।
करीब 5 हजार मरीजों पर टीके का परीक्षण होगा।
युरोप ,अमेरिका में सैकड़ों लोगो पर होगा वैक्सीन का 
परीक्षण। ब्रिटेन के अनुसार इससे 80 प्रतिसत सफलता मिलने का अनुमान लगाया गया है।

इस वैक्सीन से बहुत ज्यादा उम्मीद है  पुुरे देश को, लैकीन इस वैक्सीन का परीक्षण का Report इतना जल्दी नहीं आने वाला है। Britain के अनुसंधान के अनुसार यह Report लगभग 5 June को  आ सकता है।

India का ये 5 शहर , जहां मचा है कोरोना का सबसे ज्यादा कहर।

वैसे तो पूरे देश में मौत का तांडव मचा रखा है। Corona Virus लेकिन सबसे ज्यादा कहर दिल्ली, मुंबई, इंदौर, जयपुर और पुणे में हैं. इन शहरों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही जबकि उस रफ्तार में मरीज Discharge नहीं हो रहे है। यही नहीं, इन शहरों में मौत की दर भी राष्ट्रीय स्तर से ज्यादा है।
1:-मध्य प्रदेश के 1592 कोरोना केस में आधे से भी ज्यादा 945 केस इंदौर के हैं। मध्य प्रदेश में ठीक हुए 148 मरीजों में 77 इंदौर के हैं। जब MP में  कोरोना से हुई कुल 80 मौत में सबसे ज्यादा 53 लोग इंदौर से हैं।इंदौर शहर कोरोना के रेड जोन में शामिल है। घनी आबादी वाला ये शहर कोरोना संकट में देश के लिए टेंशन बना हुआ है।

2:-जयपुर के रामगंज इलाके में पुलिस की भारी मौजूदगी से ऐसा लगता है मानो अपराध की कोई बड़ी वरदात हुई हो लेकिन ये पुलिस वाले मानवता के सबसे बड़े अपराधी कोरोना वायरस के खिलाफ इलाके में तैनात हैं. रामगंज लगातार कोरोना का हॉटस्पॉट बना हुआ है।
राजस्थान के 1890 केस में अकेले जयपुर से 737 हैं लेकिन राजस्थान में कोरोना से ठीक हुए 230 लोगों में जयपुर से सिर्फ 58 हैं, जबकि सूबे में जिन 27 लोगों ने कोरोना से जान गंवाई है उसमें आधे से ज्यादा 14 जयपुर से हैं।अगर रिकवरी रेट की बात करें तो राजस्थान में रिकवरी रेट 1.21 है जबकि जयपुर शहर में रिकवरी रेट 7.86 है. मृत्यु दर की बात करें तो राजस्थान में ये दर 1.42 है जबकि जयपुर में 1.89. हालांकि कोरोना के राष्ट्रीय मृत्यु दर 3.18 से यहां स्थिति बेहतर है।

3:-दिल्ली की बात करें तो यहां कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर अच्छी है। दिल्ली में अब तक 2248 केस सामने आए हैं जिनमें 724 ठीक हो चुके हैं। इस तरह यहां रिकवरी रेट 32.20 है तो राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है। दिल्ली में 48 लोग कोरोना से जान गंवा चुके हैं। दिल्ली में कोरोना मृत्यु दर 2.13 है जो राष्ट्रीय मृत्यु दर से बेहतर है।

4:- शहर मुंबई इन दिनों सन्नाटे का शहर बन गया है।कोरोना वायरस ने पूरे शहर को Lockdown है। देश के किसी राज्य में कोरोना के जितने केस नहीं हैं उससे ज्यादा केस सिर्फ मुंबई शहर में हैं। कोरोना के आंकड़े महाराष्ट्र की नहीं देश की भी टेंशन बढ़ा रहे हैं।

5;- महाराष्ट्र के 5649 केस में अकेले मुंबई से 3683 केस हैं। महाऱाष्ट्र में कुल 789 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे तो मुंबई में ऐसे मरीजों की संख्या 425 है। महाराष्ट्र में 269 मरीजों की कोरोना से जान जा चुकी है इनमें अकेले में मुंबई 161 लोगों की मौत हो चुकी है।अगर रिकवरी रेट की बात करें तो मुंबई में मरीजों के ठीक होने की रफ्तार प्रति सौ मरीज करीब 11 की है, राष्ट्रीय स्तर से करीब 8 कम। इसी तरह मृत्यु दर के पैमाने पर भी मुंबई चिंता का बीसय है। यहां प्रति सौ मरीज में 4 से ज्यादा मरीज मर रहे हैं जो राष्ट्रीय दर से ज्यादा है।हालांकि अच्छी बात ये है कि कोरोना केस के दोगुना होने की रफ्तार में कमी आई है। पहले पांच दिन में मरीज दोगुना हो रहे थे अब इसमें सात दिन लगते हैं। कोरोना पर काबू पाने के लिए ही महाराष्ट्र में 465 कंटेंनमेंट जोन बनाए गए हैं।

जमशेदपुर के TMH में आने के लिए COVID-19 लेबर रूम।

Tata Steel ने झारखंड राज्य में 650 बेड (567 आइसोलेशन बेड और वेंटिलेशन सपोर्ट के साथ 83 बेड) स्थापित किए हैं, जो किसी भी घटना के मामले में चिकित्सा तत्परता का हिस्सा है। इसमें 513 अलगाव बेड और TMH, जमशेदपुर में आक्रामक और गैर-इनवेसिव वेंटिलेटर के साथ 77 क्रिटिकल केयर बेड, 25 आइसोलेशन बेड शामिल हैं, जिसमें 3 बेड नॉटुंडी में वेंटिलेशन सपोर्ट के साथ, 25 आइसोलेशन बेड, वेस्ट बोकारो में वेंटिलेशन सपोर्ट के लिए 3 बेड सहित और 10 आइसोलेशन बेड शामिल हैं। जमदोबा में। 

ओडिशा राज्य में, कंपनी ने कुल 600 बेड (555 आइसोलेशन बेड और वेंटिलेशन सपोर्ट के साथ 45 बेड) स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा 10 अप्रैल को ओडिशा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन समर्पित सीओवीआईडी ​​अस्पतालों का उद्घाटन किया गया। इसमें गंजम जिले के गोपालपुर के बरहमपुर में टाटा स्टील मेडिका अस्पताल में 15 आईसीयू बेड के साथ 200 आइसोलेशन बेड, 15 के साथ 150 आइसोलेशन बेड शामिल हैं। जाजपुर जिले के डबरी (कलिंगनगर) में टाटा स्टील मेडिका अस्पताल में आईसीयू बेड, ओडिशा के क्योंझर जिले में टाटा स्टील अस्पताल, जोदा में 5 आईसीयू बेड के साथ 50 अलगाव बिस्तर।

ओडिशा के जाजपुर जिले में नेक ऑटोनॉमस कॉलेज में 10 आईसीयू बेड के साथ एक और 200 अलगाव बेड स्थापित किए जा रहे हैं। 
इसके अलावा, कंपनी अपने कर्मचारियों के बीच मास्क के उपयोग को बढ़ावा दे रही है और COVID-19 के खिलाफ एहतियाती उपाय के रूप में मास्क उपयोग पर एक सलाह जारी की है।
टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (TSUISL), जिसे पहले JUSCO (जमशेदपुर यूटिलिटीज एंड सर्विसेज कंपनी लिमिटेड) के नाम से जाना जाता है, द्वारा चलाए जा रहे COVID-19 जागरूकता कार्यक्रम, टाटा स्टील की सहायक कंपनी जमशेदपुर में 7.5 लाख से अधिक लोगों के जीवन को छू चुकी है। TSUISL द्वारा संवेदीकरण कार्यक्रम जमशेदपुर में आक्रामक रूप से आगे बढ़ रहा है। TSUISL ने कदमा के गणेश पूजा मैदान में एक बॉडी डिसइन्फेक्शन चैंबर की स्थापना की है, जो एक बाजार जगह है और यहां दैनिक आधार पर सब्जियां खरीदने वाले लोगों का पदचिह्न किसी भी अन्य जगह की तुलना में बहुत अधिक है। अगले सप्ताह तक नियत निशान के बाद शारीरिक कीटाणुशोधन चैंबर कार्यशील हो जाएगा। 


Tata Steel Foundation (TSF) के माध्यम से Tata Steel ने हाल ही में अपने परिचालन क्षेत्रों में और उसके आसपास के समुदायों के लिए एक दस-बिंदु # CombatCovid19 लॉन्च किया। प्रमुख पहलों के तहत अब तक के घटनाक्रम नीचे दिए गए हैं: 
जमशेदपुर और झारखंड और ओडिशा में जमशेदपुर और टाटा स्टील के अन्य परिचालन क्षेत्रों में पिछले 14 दिनों में ThoughtforFood कार्यक्रम के तहत 5 लाख भोजन परोसा गया है। इसमें जमशेदपुर में 55000 भोजन शामिल हैं।
अब तक, TSF के 180 दानदाता हैं जिन्होंने किटी में 45 लाख रुपये का योगदान दिया है। किटी में योगदान करने वाले 70% लोग टाटा स्टील में कार्यरत जमशेदपुर के नागरिक नहीं हैं। 
TSF ने सेराकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम जिलों में 1615 राशन प्लस स्वच्छता पैकेट वितरित किए हैं। 30000 लोगों को कवर करने का लक्ष्य है।